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View Full Version : हमारी शेर "ओ" शायरी


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pankaj bedrdi
12-02-2011, 02:14 PM
जिंदगी देने वाले , मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,

जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये|

pankaj bedrdi
12-02-2011, 02:15 PM
गुनाह करके सज़ा से डरते हैं,
जहर पी के दवा से डरते हैं,

दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं,
हम तो दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं |

pankaj bedrdi
12-02-2011, 02:16 PM
कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,
चलो ऐसा करो भूला दो मुझको,

तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको |

Bond007
12-02-2011, 10:09 PM
आपको क्या लगता है?:):)

कह नहीं सकता|

Bond007
12-02-2011, 10:12 PM
तो क्या हमारे जावेद अख्तर साहब भी चोट खाए हुए हैं?

ये तो शबाना आजमी ही बता सकती हैँ |
जो आदमी जिगर से बीड़ी जला सकता है
उसके लिए क्या मुश्किल है

कृपया ध्यान दें!

बीडी वाला सोंग गुलज़ार साहब ने लिखा है|

pankaj bedrdi
13-02-2011, 06:28 PM
ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक हैं,
तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं,

वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं |

bhoomi ji
13-02-2011, 10:09 PM
कोई रात पूनम तो कोई रात अमावस
चांदनी उसकी जो चाँद पाना सीख ले.
यूँ तो सभी आये हैं रोते हुए जहाँ में
सारा जहाँ उसका जो मुस्कुराना सीख ले.
कुछ भी नजर न आये अंधेरों में रहकर
रौशनी है उसकी जो शमा जलना सीख ले.
हर गली में मंदिर है हर राह में मस्जिद
ईश्वर है उसका जो सर झुकाना सीख ले.
हर सीने में दिल हर दिल में प्यार है
प्यार मिले उसको जो दिल लगाना सीख ले.

Sikandar_Khan
13-02-2011, 10:45 PM
कोई रात पूनम तो कोई रात अमावस
चांदनी उसकी जो चाँद पाना सीख ले.
यूँ तो सभी आये हैं रोते हुए जहाँ में
सारा जहाँ उसका जो मुस्कुराना सीख ले.
कुछ भी नजर न आये अंधेरों में रहकर
रौशनी है उसकी जो शमा जलना सीख ले.
हर गली में मंदिर है हर राह में मस्जिद
ईश्वर है उसका जो सर झुकाना सीख ले.
हर सीने में दिल हर दिल में प्यार है
प्यार मिले उसको जो दिल लगाना सीख ले.
वाह वाह वाह......
आप तो वाकई में शायर हैं
माशा आल्लाह

bhoomi ji
13-02-2011, 10:58 PM
वाह वाह वाह......
आप तो वाकई में शायर हैं
माशा आल्लाह
शुक्रिया- शुक्रिया.....................

pankaj bedrdi
14-02-2011, 09:40 AM
सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको!
किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको!
पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा!
अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको

pankaj bedrdi
14-02-2011, 09:41 AM
बड़ी कोशिश के बाद उन्हें भूला दिया!
उनकी यादों को दिल से मिटा दिया!
एक दिन फिर उनका पैगाम आया लिखा था मुझे भूल जाओ!
और मुझे भूला हुआ हर लम्हा याद दिला दिया!

pankaj bedrdi
14-02-2011, 09:42 AM
सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा!
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा!
न जाने क्या बात थी उन मे और हम मे!
सारी महफिल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा

pankaj bedrdi
14-02-2011, 09:43 AM
तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी!
तेरे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी!
क्या कहे क्या गुजरेगी दिल पर!
जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी!

pankaj bedrdi
14-02-2011, 09:44 AM
महबूब :
ऐ यार क्यों ना आई मेरे जनाजे के पीछे
सारा जहां आया था मेरे जनाजे के पीछे
महबूबा :
ऐ यार कैसे आती तेरे जनाजे के पीछे
मेरा जनाजा था तेरे जनाजे के पीछे

pankaj bedrdi
14-02-2011, 09:46 AM
तिनका तिनका तूफान में बिखरते चले गये
तनहायी की गहराइयों में उतरते चले गये
उड़ते थे जिनके सहारे आसमां में हम
एक एक करके सब बिछड़ते चले गये

bhoomi ji
27-02-2011, 07:31 PM
हर सजदा आप का मंजूर-ऐ-खुदा हो जाए
आप की दुवाओं में रब की रजा हो जाए
खुदा आप को इतनी खुशियाँ दे की
आप ज़िन्दगी से लफ्ज-ऐ-गम फ़ना हो जाए

bhoomi ji
27-02-2011, 07:44 PM
उनकी किस्मत का भी कैसा सितारा होगा
जिनको मेरी तरह तकदीर ने मारा होगा.
किनारे पे बैठे लोग ये क्या जाने
डूबने वाले ने किस-किस को पुकारा होगा

Sikandar_Khan
19-03-2011, 02:24 AM
हमे स्याही की ज़रूरत नहीं ,
हमे अश्कों से लिखना आता है ,
डरते हैं उनके सामने रोने से ,
उनको अश्कों को पढना आता है ........

bhoomi ji
19-03-2011, 10:14 AM
जिंदगी उसी को आजमाती है
"जो हर मोड पर चलना जानते हैं"
कुछ पाकर तो हर कोई मुश्कुराता है
जिंदगी उसी की होती है
"जो सब खोकर भी मुश्कुराना जानते हैं"

bhoomi ji
19-03-2011, 10:18 AM
करीब रहकर भी वो हमें जान ना पाए
आज तक वो हमें पहचान ना पाए
खुद ही बना ली दूरियां हमने उनसे
ताकि उनपर कोई इल्जाम ना आये

sagar -
19-03-2011, 07:15 PM
करीब रहकर भी वो हमें जान ना पाए
आज तक वो हमें पहचान ना पाए
खुद ही बना ली दूरियां हमने उनसे
ताकि उनपर कोई इल्जाम ना आये


बहुत खूब भूमि जी

Bond007
21-03-2011, 03:25 AM
...
...
खुद ही बना ली दूरियां हमने उनसे
...



बहुत जालिम हो| :bang-head: :chair: :tomato:

:giggle::sorry:

Sikandar_Khan
22-03-2011, 03:00 AM
फिर किसी दर्द को सहला के सुजा लें आँखें
फिर किसी दुखती हुई रग से छुआ दें नश्तर
या किसी भूली हुई राह पे मुड़ कर एक बार
नाम ले कर किसी हमनाम को आवाज़ ही दें लें

Sikandar_Khan
22-03-2011, 03:14 AM
टुकड़े-टुकड़े दिन बीता,
धज्जी-धज्जी रात मिली।
जिसका जितना आंचल था,
उतनी ही सौग़ात मिली।।
जब चाहा दिल को समझें,
हंसने की आवाज़ सुनी।
जैसे कोई कहता हो, लो
फिर तुमको अब मात मिली।।
बातें कैसी ? घातें क्या ?
चलते रहना आठ पहर।
दिल-सा साथी जब पाया,
बेचैनी भी साथ मिली।।

Sikandar_Khan
24-03-2011, 01:28 AM
आईने को भी किसी चेहरे को देखने का मन होता होगा,
उसे भी किसी सूरत से प्यार होता होगा,
आईने के टूटने का कोई और कारण निकल लेते है लोग,
दरअसल वो कम्बक्त भी किसी का मारा होता है,
जो टूट कर कम से कम हमदर्दी तो पा लेता है |

Sikandar_Khan
25-03-2011, 01:14 AM
आख़िरी मुलाक़ात है ये आख़िरी कलाम,
चल दिए सफ़र पर लेकर तेरा ही नाम;
आह वह लाल हथेली वह तुनकती मेंहदी,
आज भी याद है वो तेरा पहला पयाम ,,
तुमने जो कौल किया था कभी हंस हंस कर,
आज भी वो ही वरक बने हैं मेरा ईमान ,,
जिन्दगी बन न सकी मौत ही बन जाना ,
तेरी हर इक अदा पे मै होता कुर्बान

Bholu
25-03-2011, 01:50 AM
उनकी यादो के लम्हो मे खोने को दिल करता है काश वो लम्हे फिर से मिल जाये उन यादो के नीँद के साथ सोने का दिल करता है

sagar -
25-03-2011, 07:03 AM
उनकी यादो के लम्हो मे खोने को दिल करता है काश वो लम्हे फिर से मिल जाये उन यादो के नीँद के साथ सोने का दिल करता है

भोलू किस की याद में ............क्या कोई मिल गयी हे :banalema:

Bholu
25-03-2011, 08:14 AM
भोलू किस की याद में ............क्या कोई मिल गयी हे :banalema:

मोटा भाई बस शायरी थी

sagar -
25-03-2011, 11:08 AM
मोटा भाई बस शायरी थी
कोई बात नही जब सायरी मिल गयी हे तो वो भी मिल ही जायेगी

Bholu
25-03-2011, 12:29 PM
कोई बात नही जब सायरी मिल गयी हे तो वो भी मिल ही जायेगी

मोटा भाई आप मुझे चिढा रहे है

sagar -
25-03-2011, 06:16 PM
मोटा भाई आप मुझे चिढा रहे है
में चिड़ा नही रहा आपको में तो आपके लिए दुआ कर रहा हू आपको जल्दी कोई मिल जाये बस :banalema:

Bholu
25-03-2011, 06:26 PM
में चिड़ा नही रहा आपको में तो आपके लिए दुआ कर रहा हू आपको जल्दी कोई मिल जाये बस :banalema:

ठीक है मोटा भाई आपकी दुआ आने बाली 2 साल मे काबूल हो जायेगी

ndhebar
25-03-2011, 07:30 PM
ठीक है मोटा भाई आपकी दुआ आने बाली 2 साल मे काबूल हो जायेगी
यहाँ तो बकरा खुद कसाई से प्रार्थना कर रहा है "मुझे जल्दी काटो"

Sikandar_Khan
25-03-2011, 07:50 PM
यहाँ तो बकरा खुद कसाई से प्रार्थना कर रहा है "मुझे जल्दी काटो"

क्या सहायता नही
करोगे बकरे की ?

Bholu
25-03-2011, 08:07 PM
यहाँ तो बकरा खुद कसाई से प्रार्थना कर रहा है "मुझे जल्दी काटो"

आपकी भी शादी हो गई होगी
माशा अल्हा बडा मोटा बकरा लगता है

sagar -
25-03-2011, 10:40 PM
क्या सहायता नही
करोगे बकरे की ?
बकरा तो यही चाहता हे में तो कट रहा हू पर दूसरे को भी कटने दो ताकि मुझे कुछ सकून मिल सके

pankaj bedrdi
26-03-2011, 07:01 AM
मुझे बेदर्द कहते है,मेरे दिल को पत्थर कहते है!

पर पत्थरो पर लिखे ही तो सदियों तक रहते है!

pankaj bedrdi
26-03-2011, 07:01 AM
शमा से लिपट जाता है,परवाना राख हो जाता है!

जो इश्क के चक्कर मे पड़ता है वो खाक हो जाता है!

pankaj bedrdi
26-03-2011, 07:02 AM
बुढ़ापा आने के बाद ही जवानी रंग लाती है!

पत्तो के सूख जाने के बाद ही उनमे आवाज़ आती है

pankaj bedrdi
26-03-2011, 07:03 AM
तुम्हे याद करता हूँ ,तुम “जान” लेती हो!

तुम फिर भी नही आती , मेरी “जान” लेती हो!

pankaj bedrdi
26-03-2011, 07:03 AM
प्यार मे जीने की बात करने से ही सनम मिलता है!

जो मरने की बात करते है उन्हे बस कफ़न मिलता है!

pankaj bedrdi
26-03-2011, 07:04 AM
खुद को खुदा समझते है,दौलत के सिंघासन पर हो के आसीन!

ये नही जानते की मरने के बाद मिलती है, बस दो गज़ ज़मीन

ndhebar
26-03-2011, 12:31 PM
http://myhindiforum.com/attachment.php?attachmentid=9590&stc=1&d=1301119223

ख़ूबसूरत हैं वो लब
जो प्यारी बातें करते हैं
ख़ूबसूरत है वो मुस्कराहट
जो दूसरों के चेहरों पर भी मुस्कान सजा दे
ख़ूबसूरत है वो दिल
जो किसी के दर्द को समझे
जो किसी के दर्द में तड़पे
ख़ूबसूरत हैं वो जज्बात
जो किसी का एहसास करें
ख़ूबसूरत है वो एहसास
जो किसी के दर्द में दवा बने
ख़ूबसूरत हैं वो बातें
जो किसी का दिल ना दुखाएं
ख़ूबसूरत हैं वो ऑंखें
जिन में पाकीज़गी हो
शर्म ओ हया हो
ख़ूबसूरत हैं वो आंसू
जो किसी के दर्द को महसूस करके बह जाए
ख़ूबसूरत हैं वो हाथ
जो किसी को मुश्किल वक़्त में थाम लें
ख़ूबसूरत हैं वो कदम
जो किसी की मदद के लिए
आगे बढ़ें !!!!!
ख़ूबसूरत है वो सोच जो किसी के लिए अच्छा सोचे
ख़ूबसूरत है वो इन्सान
जिस को खुदा ने ये
खूबसूरती अदा की

http://myhindiforum.com/attachment.php?attachmentid=9591&stc=1&d=1301119223

ABHAY
26-03-2011, 01:24 PM
“ना दिल से होता है

ना दिमाक से होता है

ये प्यार तो इतफाक से होता है

और क्या कहे प्यार करके भी

प्यार न मिले ये इतफाक सिर्फ हमारे साथ होता हैं”

ABHAY
26-03-2011, 01:25 PM
आंसू पौछकर हंसाया है मुझे

मेरी गलती पर भी सीने से लगाया है मुझे

कैसे प्यार न हो ऐसे दोस्त से

जिसकी दोस्ती ने जीना सिखाया है मुझै

ABHAY
26-03-2011, 01:26 PM
“तु दिल में ना जाये तो मैं क्या करू

तु ख्यालों से ना जाये तो मैं क्या करू

कहते है ख्वावों में होगी मुलाकात उनसे

पर नींद न आये तो मैं क्या करू "

ABHAY
26-03-2011, 01:27 PM
“प्यार गुनाह है तो होने ना देना

प्यार खुदा है तो खोने ना देना

करते हो प्यार जब किसी से तो

कभी उस प्यार को रोने ना देना ”

ABHAY
26-03-2011, 01:27 PM
बिकता अगर प्*यार जो कौन नहीं खरीदता

बिकती अगर खुशियां तो कौन उसे बेचता

दर्द अगर बिकता तो हम आपसे खरीद लेते

और आपकी खुशियों के लिए हम खुद को बेच देते

ABHAY
26-03-2011, 01:28 PM
“काश खुशियों की कोई दुकान होती

हमें भी उसकी पहचान होती

भर देते आपकी जिन्दगी को खुशियों से

किमत चाहे उसकी हमारी जान होती ”

ABHAY
26-03-2011, 01:29 PM
“कोई ऐसा दोस्त बनाया जावे

जिसके आंसू को पलकों में छुपाया जाये

रहे उसका मेरा रिश्ता कुछ ऐसा

कि अगर वो उदास हो तो हमसे भी ना मुस्कुराया जावें ”

ABHAY
26-03-2011, 01:30 PM
“जिन्दगी की राहों में बहुत से यार मिलेगें

हम क्या हमसे भी अच्छे हजार मिलेगें

इन अच्छों की भीड में हमे ना भूला देना

हम कहॉ आपको बार बार मिलेगें ”

ABHAY
26-03-2011, 01:30 PM
दिल में बसता है दिल ए यार

जब चाहा सर झुकाया और कर लिया दिदार

आखों में है आपके प्*यार का सरूर

आप ही ना जाने हमारा क्*या कसूर

ABHAY
26-03-2011, 01:31 PM
आप पास रहे या दूर

हम दिल से दिल की आवाज मिला सकते है

ना खत के, ना टेलिफोन के मौहजात है हम

आपके दिल को एक हिचकी से हिला सकते है हम

ABHAY
26-03-2011, 01:32 PM
“ए दोस्त तेरी दोस्ती ये नाज करते है

हर बकत मिलने की फरियाद करते है

हमें नही पता घरवाले बताते है

के हम नीदं में भी आपके बात करते हैं ”

ABHAY
26-03-2011, 01:32 PM
अपने दिल की सूनी अफवाहों से काम ना ले

मुझै याद रख बेशक मेरा नाम ना ले

तेरा बहम है के मैं भूला दूंगा तुझे

मेरी कोई ऐसी सांस नहीं जो तेरा नाम न ले

ABHAY
26-03-2011, 01:33 PM
दोस्*ती से आज प्*यार शरमाया है

तेरी चाहत ने कुछ ऐसा गजब ढाया है

खुदा से क्*या तुझे मांगे, वो तो आत खुद

मुझ से मुझ जैसा मांगने आया है

ABHAY
26-03-2011, 01:34 PM
“सांस लेने से तेरी याद आती है

ना लेने से मेरी जान जाती है

कैसे कह दू सिर्फ सॉस से मै जिन्दा हू

कम्बक्त सांस भी तो तेरी याद के बाद आती है ”

ABHAY
26-03-2011, 01:35 PM
“हंसी ने लबों पर थ्रिकराना छोड दिया

ख्बाबों ने सपनों में आना छोड दिया

नहीं आती अब तो हिचकीया भी

शायद आपने भी याद करना छोड’ दिया ”

ABHAY
26-03-2011, 01:36 PM
ओस की बूंदे है, आंख में नमी है,

ना उपर आसमां है ना नीचे जमीन है

ये कैसा मोड है जिन्*दगी का

जो लोग खास है उन्*की की कमी हैं

ABHAY
26-03-2011, 01:37 PM
आसुओं के चलनेकी आवाज नहीं होती

दिल के टुटने की आहट नहीं होती

अगर होता खुदा को हर दर्द का अहसास

तो उसे दर्द की आदत ना होती

ABHAY
26-03-2011, 01:37 PM
हम दोस्ती में हद से गुजर जायेगें

ये जिन्दगी आपके नाम कर जायेगें

आप रोया करेगों हमे याद करके

आपके दामन में दतना प्यार भर जायेगें

ABHAY
26-03-2011, 01:39 PM
“रिश्तों की ये दुनिया है निराली

सब रिश्तों से प्यारी है दोस्ती तुम्हारी

मंजूर है आंसू भी आखों में हमारे

अगर आ जाये मुस्कान होठों पे तुम्हारी ”

ABHAY
26-03-2011, 01:40 PM
ए पलक तु बन्*द हो जा,

ख्*बाबों में उसकी सूरत तो नजर आयेगी

इन्*तजार तो सुबह दुबारा शुरू होगी

कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी

ABHAY
26-03-2011, 01:42 PM
बिन देखे तेरी तस्*वीर बना सकते हैं

बिन मिले तेरा हाल बना सकते है

हमारे प्*यार में इतना दम है की

तेरे आसूं अपनी ऑख से गिर सकते हैं

ABHAY
26-03-2011, 01:43 PM
उन्*हें ये शिकवा हमसे के

हम उन्*हें याद करते ही नहीं

पर कम्*बख्*त उन्*हे ये कौन समझाये की

हम उन्*हें याद कैसे करें जिन्*हे हम भूलते ही नहीं

ABHAY
26-03-2011, 01:44 PM
अहसास बहुत होगा जब छोड के जायेगें

रायेगें बहुत अगर आसूं नहीं आयेगें

जब साथ ना दे कोई तो आवाज हते देना

आसमां पर भी होगें तो लोट के आयेगें

ABHAY
26-03-2011, 01:45 PM
आपकों प्*यार करने से डर लगता है

आपकों खोने से डर लगता है

कहीं आखों से गुम ना हो जाये याद

अब रात में सोने से डर लगता है

ABHAY
26-03-2011, 01:45 PM
यूं तो आपको रोज याद कर लिया करते है

मन ही मन में देख लिया करते है

क्*या हुआ अगर आप पास नहीं है

हम तो दलि में मूलाकात कर लिया करते हैं

ABHAY
26-03-2011, 01:48 PM
याद में तेरी आखं भरता है कोई

सांस के साथ तुझे याद करता है कोई

मौत सच्*चाई है इक रोज सबको आनी है

तेरी जुदाई में हर रोज मरता है कोई

ABHAY
26-03-2011, 01:48 PM
“दीवाने है तेरे नाम के इस बात से इंकार नहीं

कैसे कहे कि तुमसे प्यार नहीं

कुछ तो कसूर है आपकी आखों का

हम अकेले तो गुनहगार नहीं ”

ABHAY
26-03-2011, 01:49 PM
“इतना ना चाहों की भूला ना सके

इतना ना पास आओं की दूर ना जा सकों

तन्हाई में बैठकर ये सोचते है हम

कि ना चाहों उसकी जीसे पा ना सको ”

ABHAY
26-03-2011, 01:50 PM
“जुदाई आपकी रूलाती रहेगी

याद आपकी आती रहेगी

पल पल जान जाती रहेगी

जब तक जिस्म में है जान सांस आपसे प्यार निभाती रहेगी”

ABHAY
26-03-2011, 01:51 PM
भूल में भी किसी को ना रूलाना

जिन्*दगी में सबकों हॅसाना

दुश्*मन की भी गले लगाना

फिर भी कोई गम हो तो इस बेब पेज को पढ लेना

ABHAY
26-03-2011, 01:52 PM
दुआवों में इक दुआ हमारी

जिसमें मांगी हमने हर खुशी तुम्*हारी

जब भी मुस्*कुराओं दिल से

समझों कबूल दुआ हमारी

ABHAY
26-03-2011, 01:56 PM
ये दुरियॉ अजीब सी लगती है

अपनी बात हुये मुददत सी लगती है

तुम्*हारी दोस्*ती अब जरूरत सी लगती है

ABHAY
26-03-2011, 01:56 PM
हमारे दिल में छडकन आपकी सुनाई देती है

आखों में सूरत उनकी दिखाई देती है

चलते तो हम है लेकिन

जब मुडते है तो पंरछाई आपकी दखिई देती है

ABHAY
26-03-2011, 01:57 PM
ना छुपाना कोई बात दिल में हो अगर

रखना थोडा भरोसा तुम हम पर

हम निभायेगें दोस्*ती का रिश्*ता इस कदर

कि भूलाने पर भी ना भूला पायेगें हमें जिन्*दीभर

ABHAY
26-03-2011, 01:58 PM
दोस्*ती दिल है दिमाक नहीं

दोस्*ती सोच है आवाज नहीं

कोई आखों से नहीं देख सकता दोस्*ती के जज्*बे

क्*योंकि दोस्*ती अहसास है अन्*दाज नहीं

ABHAY
26-03-2011, 01:58 PM
तुझे ही आना मुकद्रदर बनाते है हम

खुदा से पहले तेरे आगे सर झुकाते है हम

दोस्*ती का रिश्*ता कभी तोड ना देना

जिस रिश्*ते के दम पर मुस्*कुराहते है हम

ABHAY
26-03-2011, 01:59 PM
खुशी आपके लिये गम मेरे लिय

जिन्*दगी आपके लिये मौन मेरे लिय

मुस्*कुराना आपके लिये आंसू मेरे लिये

सब कुछ आपके लिए और आप सिर्फ मेरे लिये

ABHAY
26-03-2011, 02:00 PM
तेरी दोस्*ती में इक नशा है

तभी तो ये सारी दुनिया हमसे खफा है

ना करों हमसे इतनी दोस्*ती

कि दिल ही हमसे पूछे तेरी घडकन कहॅ हैं

ABHAY
26-03-2011, 02:01 PM
हर कभी तुझसे खुश्*बू उधार मांगे

आफता तुमसे नूर उधार मांगे

रब करके तु दोस्*ती ऐसी निभाये

कि लोग मुझसे तेरी दोस्*ती उधार मांगे

ABHAY
26-03-2011, 02:02 PM
भूलाना तुम्*हे ना आसान होगा

जो भूले तुम्*हे वो नादान होगा

आप तो बसते हो रूह में हमारी

बाप हमें ना भूले ये आपका अहसास होगा

ABHAY
26-03-2011, 02:02 PM
अक्*सर जब हम आपकों याद करते है

अपने रब से यही फरियाद करते है

अम्र हमारी भी लग जाये आपकों

क्*योंकि हम आपकों खुद से ज्*यादा प्*यार करते है

ABHAY
26-03-2011, 02:06 PM
न कभी ये छुपाना कि प्*यार कितना हैं

ना कभी ये जताना की दर्द कितना है

बस एक हमें उस खुदा को है मालूम

कि तूमसे मुलाकात की इन्*तजार कितना है

ABHAY
26-03-2011, 02:07 PM
तन्*हाई में फरियाद तो कर सकते हैं

बीाने का आबाद तो कर सकते है

क्*या हुआ तुम्*हे मिल नहीं सकते

लेकिन तुम्*हे याद तो कर सकते हैं

ABHAY
26-03-2011, 02:08 PM
आ आ कर तेरा ख्*याल आये तो में क्*य करू

रह रह कर तेरी याद आये तो मैं क्*या करू

यू तो कहते है कि रोज होती है सपनों मूलाकात

मगर नींद ही ना आये ता मैं क्*या करू

ABHAY
26-03-2011, 02:09 PM
रूठ कर तुम हमें भूलाने

लगे इतने दूर हो गये की बहुत याद आने लगे

जब भी हमें भूलाने की कोशिश की तुमकों

तुम ख्*वाबों में आकर हमें सताने लगे

ABHAY
26-03-2011, 02:11 PM
आप से खफा हो कर जायेगे कहा

आप जैसे दोस्*त जायेगें कहा

दिल को तो कैसे भी समझा लेगें

पर आखों में आसूं छुपायेगें कहा

ABHAY
26-03-2011, 02:12 PM
माना ये दूनिया हमें भूल चुकी है

पर आप तो कभी याद की लिया करों

माना आपके आस पास सारी दुनिया है

पर कभी हमारी कमी का भी अहसास कर लिया करों

ABHAY
26-03-2011, 02:13 PM
तारों से कहो टिम टिमाना छोड दे

चॉद से कहो जगमगाना छोड दे

अगर आप आ नहीं सकते

तो आपकी यादों से कहो सताना छोड दे

ABHAY
26-03-2011, 02:13 PM
कलम उठाई है लफज नहीं मिलता

जिसको ढूढ रहे है वा शख्*स नहीं मिलता

फिरते है वा जमाने के साथ

बस हमारे लिये उन्*हे वकत नहीं मिलता

ABHAY
26-03-2011, 02:14 PM
तुम्*होर शहर का मौसम बडा सुहाना लगे

मै एक शाम चुरा लू अगर बुरा ना लगे

तुम्*हारे बस में है तो भूल जाओं मुझे

तुम्*हे भूलाने में मुझे जमाना लगे

ABHAY
26-03-2011, 02:15 PM
हर राही का मन चाहा मुकाम नही मिलता

जिसकों जी भर प्*यार कर सके वा इंसान नही मिलता

आसमान के सितारों की तरह हमारे अरमान भी बिखरे से रहते है
जो अपने दिल में हमें जगह दे सके वो मेहमान नहीं मिलता


पता है तुम जब घर से निकलते हो

तो लड़कियां तुम्हे हसरत से देखती हैं

आहें भरती हैं और सोचती हैं

काश हमारा भी ऐसा भाई होता

*~*~*~*~*~*~*~*~*

ABHAY
26-03-2011, 02:16 PM
दिल की गहरायी ना को नाप पाया

इस दिल में छुपा राज ना कोई जान पाया

कैसे कहें हम किसी को अपना

जो अपना हो कर भी ना अपना हो पाया!

ABHAY
26-03-2011, 02:18 PM
अपनी हर सांस तेरी गुलाम कर रखी है

लोगों ये जिंदगी बदनाम कर रखी है

आईना भी नहीं अब तो किसी काम का

हमने तो अपनी परछाइ भी तेरे नाम कर रखी है ।

ABHAY
26-03-2011, 02:19 PM
गिले शिकवे ना दिल से लगा लेना

कभी मान जाना तो कभी मना लेना

कल का क्या पता हम हों ना हों

जब भी मौका मिला

थोड़ा हंस लेना और हंसा देना।

ABHAY
26-03-2011, 02:21 PM
सिर्फ यादों का एक सिलसिला रह गया

खुदा जाने उससे क्या रिश्ता रह गया

एक चांद खो गया जाने कहां

एक सितारा उसे ढूंढता रह गया।

ABHAY
26-03-2011, 02:22 PM
कल तक तन्हा थे

आज इंतजार करते हैं

कल तक कुछ ना था

आज ऐतबार करते हैं

यूं ही नहीं आती आपको हिचकियां

हम याद आपको बार बार करते हैं।

ABHAY
26-03-2011, 02:24 PM
आईना हूं मैं

मेरे सामने आकर देखो

खुद नजर आओगे

आंख मिलाकर देखो

मेरे गम में मेरी तकदीर नजर आयेगी

डगमगा जाओगे मेरे दर्द उठा कर देखो।

ABHAY
26-03-2011, 02:26 PM
बूंद से मोती मांग लेंगे

चांद से चांदनी मांग लेंगे

अगर तेरी महोब्बत नसीब हुई तो

तेरी महोब्बत की खातिर

खुदा से एक और जिंदगी मांग लेंगे।

ABHAY
26-03-2011, 02:27 PM
हुस्न अगर बेवफा ना होता

तो दुनिया में आशिकों का नाम नहीं होता

कट गये हाथ उन मजदूरों के

वरना आज हर गली में एक ताजमहल होता

ABHAY
26-03-2011, 02:28 PM
ना मैसेज ना फोन

ना पिक्चर ना टोन

और बने फिरते हो दुनिया के डोन

जब नंबर लिया था तो कहते थे

कि रोज करेंगे फोन

अब कहते हो कि हम आपके हैं कौन?

ABHAY
26-03-2011, 02:30 PM
आपकी

एक बात

मुझे

बहुत

पसंद

है।

आप

जब

भी

कोई

काम

करते

हैं

दिल

लगा

के

करते

हैं,

क्योंकि दिमाग तो आपके पास है ही नहीं!!!!



*~*~*~*~*~*~*~*~*

ABHAY
26-03-2011, 02:31 PM
ये ना सोचो तुम्हें भूल गये हम

याद तुम्हें दिन रात करते हैं

जब भी तुम्हारी याद आती है

जल तू जलाल तू आई बला को टाल तू

का जाप करते हैं..

ABHAY
26-03-2011, 02:32 PM
दिल की किताब कुछ इस तरह बनायी है

हर पन्ने पर आपकी याद समायी है

कहीं फट ना जाये एक भी पन्ना

इसलिये हर पन्ने पर दोस्ती की लेमिनेशन करायी है

sagar -
26-03-2011, 08:10 PM
वाह वाह अभय जी बहुत खूब

sagar -
26-03-2011, 08:12 PM
हर तरफ खामोशी का साया है,
जिसे चाहते थे हम वो अब पराया है,
गिर पङे है हम मोहब्बत की भुख से,
और लोग कहते है की पीकर आया है

sagar -
26-03-2011, 08:13 PM
जान से भी ज्यादा उन्हे प्यार किया करते थे
याद उन्हे दिन रात किया करते थे,
अब उन राहो से गुजरा नही जाता
जहा बैठ कर उनका ईँतजार किया करते थे

sagar -
26-03-2011, 08:14 PM
प्यासे को इक कतरा पानी काफी है,
ईश्क मे चार पल की जिंदगी काफी है,
डुबने को समँदर मे जायेँ क्यो,
उनकी पलको से टपका वो आँसु ही काफी है

sagar -
26-03-2011, 08:16 PM
हकीकत जान लो जुदा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनाने से पहले,
ये सोच लेना भुलाने से पहले,
बहुत रोई है ये आँखे मुस्कुराने से पहले

sagar -
26-03-2011, 08:18 PM
मजा तो हमने इंतजार मे देखा है,
चाहत का असर प्यार मे देखा है,
लोग ढुंढते है जिसे मंदिर मस्जिद मे,
उस खुदा को मैने आप मे देखा है

bhoomi ji
06-04-2011, 02:51 PM
हर तमन्ना आपकी पूरी हो जाए
सपनो की दुनिया हकीकत हो जाए
हो जाए आपका मुकद्दर कुछ इस कदर रोशन..
कि आँखें खुलने से पहले हर दुआ कबूल हो जाए

ndhebar
06-04-2011, 02:58 PM
इस अजनबी दुनिया में,

अकेला एक ख्वाब हूँ,

सवालो से खफा,

छोटा सा एक जवाब हूँ,

जो न समझ सके,

उनके लिए '' कौन'',

जो समझ चुके,

उनके लिए एक खुली किताब हूँ.

ndhebar
07-04-2011, 12:31 PM
जिंदगी एक तोहफा है....
(कबूल किजिये)
जिंदगी एक एहसास है....
(महसूस किजिये)
जिंदगी एक दर्द है....
(बाँट लिजिये)
जिंदगी एक प्यास है....
(प्यार दिजिये)
जिंदगी एक मिलन है....
(मुस्कुरा लिजिये)
जिंदगी एक जुदाई है....
(सब्र किजिये)
जिंदगी एक आंसू है....
(पी लिजिये)
जिंदगी आखिर जिंदगी है....
(जी लिजिये).

Sikandar_Khan
07-04-2011, 12:45 PM
जानते हो सबसे प्यार रिश्ता क्या होता है ?
दो आंखो का !
जो झपकती एक साथ हैँ
जो रोती एक साथ हैँ
जो सोती एक साथ हैँ
मगर दोनो एक दूसरे को देख नही सकती हैँ |

Sikandar_Khan
07-04-2011, 06:01 PM
इस कदर रुसवा हुए हैं,
दोस्ती में हम तेरी
आईने में अक्स अपना
देखने से डर रहे हैं
बदनुमा सच्चाइयाँ जो
पाक रिश्तों से जुड़ीं
अपने ही क्यों , गैर भी
उसका खुलासा कर रहे हैं
एक मुद्दत से निभाते
आ रहे थे हम जिसे
उस वफ़ा के नाम ही
इलज़ाम सर पे धर रहे हैं
हावी हम पर यूँ हैं
नामालूम सी बेचैनियाँ -
उनकी प्यारी याद को भी
बेदखल हम कर रहे हैं
तुम कहो या न कहो
ये इल्म हमको है जरूर
हम तुम्हारी राह में
बस मील का पत्थर रहे हैं

abhisays
24-04-2011, 08:30 PM
बहुत बढ़िया.

ndhebar
24-04-2011, 08:54 PM
शीशे की तरह टूट जाना हर ख्वाब का अंजाम है,
मुरझा के गिर जाना हर फूल का अंजाम है,
चीर देती हैं लहरें चट्टानों का भी सीना,
सीख लेते हैं लोग गम के साये मे जीना,
कर के आसूओं में दफन अपने दिल के अरमान को,
लोग जीते हैं ऐसे जैसे जिंदगी पे एहसान हो.

Bond007
15-05-2011, 02:42 AM
वो तो दिवानी थी मुझे तन्हां छोड गई,

खुद न रुकी तो अपना साया छोड गई,

दुख न सही गम इस बात का है..

आंखो से करके वादा होंठो से तोड गई.

Bholu
15-05-2011, 09:01 AM
वो तो दिवानी थी मुझे तन्हां छोड गई,

खुद न रुकी तो अपना साया छोड गई,

दुख न सही गम इस बात का है..

आंखो से करके वादा होंठो से तोड गई.

बहुत बढिया देशराज जी

ndhebar
18-05-2011, 02:26 PM
http://2.bp.blogspot.com/_XZEJOXcMQiI/S08JUiZus_I/AAAAAAAAAzc/i8r27LTJDzo/s800/Chinese_Girl_Painting_4__61.jpg (http://groups.yahoo.com/group/Hindi_Jokes/)
क्या हो तुम?
चलो मैं बताऊँ!
मेरे लिए मेरी दुनिया हो तुम
छू कर जो गुजरी वो हवा हो तुम
मैंने जो मांगी वो दुआ हो तुम
करे मुझे रौशन वो दिया हो तुम
दिल ये कहे मेरा जिया हो तुम
किया मैंने महसूस वो एहसास हो तुम
मेरी नज़र की तालाश हो तुम
मेरी ज़मीन और आकाश हो तुम
मैंने जो चाहा वही ख्वाब हो तुम

bhavna singh
16-09-2011, 01:50 AM
इश्क ने बुतों में
जान फूकीं हैं
वर्ना मरे हुए जिस्मों को
कौन जिला सकता है.

bhavna singh
29-09-2011, 12:34 PM
छूकर ही आयें मंजिलें उम्मीद हाँथ से
क्या रस्ते से लौटना जब पाँव चिल चुका ..........

bhavna singh
29-09-2011, 12:59 PM
इक लम्हे को मै समझी की तू आया है
दर पे दस्तक किसी बच्चे की शरारत निकली

Bholu
29-09-2011, 12:59 PM
हमको यार कहते है
फिर पीठ पर बार करते है
लेकिन देगेँ साथ आपका हर पल हम
क्योकि हम दोस्ती को प्यार कहते है.

bhavna singh
29-09-2011, 01:03 PM
क्या हवा आई कि इतने फूल दिल में खिल गए
पिछले मौसम में ये शाखे यास्मी एसी ना थी

Bholu
29-09-2011, 01:16 PM
इस जिन्दगी का क्या हो जाये कब ये फानी
पानी का बुलबुला है
इंसा की जिन्दगी .

Ranveer
29-09-2011, 05:25 PM
जिंदगी तो अपने दम पर ही जियी जाती है
दूसरों के कन्धों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जातें हैं |

Ranveer
29-09-2011, 05:28 PM
राह में मिल गए तो एक नज़र देख लिया
वरना इस हसरत -ऐ- दीदार की ऐसी तैसी|;)

Ranveer
29-09-2011, 06:50 PM
घर से निकलो तो पता जेब में रखकर निकलो
हादसा चेहरे की पहचान मिटा देता है |

Sikandar_Khan
08-10-2011, 11:51 AM
मैं
तुम्हे याद कर-कर के
खुद को ही भुलाता जा रहा हूँ मैं ..
लगता है की जैसे
पगलाता जा रहा हूँ मैं .... ॥
... वो हसीं सनम जिसे खुदा ने
बस मेरे लिये बनाया है
बादलों में इक
धुंधला सा चेहरा नज़र आया है ...
उस चेहरे से तुन्हारा चेहरा
मिलाता जा रहा हूं मैं ...
लगता है कि जैसे पगलाता जा रहा हूँ मैं ...॥
... तुमसे इश्क है
जी करता है सारे जहां को बता दूं मैं
बडी मुश्किल से इस दिल को
मनाता जा रहा हूँ मैं ...
... तेरी तस्वीर बन जाये शायद
रेत में उंगलियां
फिराता जा रहा हूँ मैं ...
लगता है कि जैसे पगलाता जा रहा हूँ मैं ...॥
... अक्सर सोचता हूँ
ये क्या लिख रहा हूँ
क्यों लिख रहा हूँ मैं ..
क्या बताऊँ जब
खुद को ही नहीं समझा पा रहा हूँ मैं ...
... यही सच है शायद ...
कि पगलाता जा रहा हूं मैं ...॥

b_vaibhavi
12-10-2011, 09:09 AM
जब से बेग़म ने मुझे मुर्गा बना रखा है
मैनें नज़रों की तरह सर भी झुका रखा है ।

बर्तनों, आज मेरे सर पे बरसते क्यों हो
मैनें तो हमेशा से तुमको धुला रखा है ।

पहले बेलन ने बनाया था मेरे सर पे गुमड़
और अब चिमटे ने मेरा गाल सुजा रखा है ।

सारे कपड़े तो जला डाले हैं बेग़म ने
तन छुपाने को बनियान फटा रखा है ।

वही दुनिया में मुक़द्दर का सिकंदर ठहरा
जिसने खुद को अभी शादी से बचा रखा है ।

पी जा इस मार की तलख़ी को भी हँस कर राज
मार खाने में भी क़ुदरत ने मज़ा रखा है ।

b_vaibhavi
12-10-2011, 09:10 AM
हमने अपने दर्द को
दूर किया जिनके सहारे
आज वह चले गए
हमसे ही दूर
अनंत की यात्रा पर
जाने वाले
हम तुम्हे यूं न भुला पाएंगे
जब-जब सुनेंगे आवाज तुम्हारी
तब-तब बहुत रूलाओगे
‘जग जीत’ छोड़ गए जग को
हर आँख नम है
हर दिल रो रहा
न जाने कहां तुम चले गए
वो कागज की कश्ती
वो बारिश का पानी
सब कुछ याद आ गया
महसूस किया हर दर्द आपने
क्या होता है प्यार
क्यों होता है बिछोह
सरहदें भी न रोक सकीं जिसको
आज वो परिंदे की मानिंद
चला गया दूर गगन में
न जाने कौन से देश
हम तुम्हे यूं न भुला पाएंगे
जब-जब सुनेंगे आवाज तुम्हारी
तब-तब बहुत रूलाओगे.

b_vaibhavi
12-10-2011, 09:11 AM
तुझे देखने को ये दिल बेताब है
पर खिड़की पे खड़ा तेरा बाप है।

कभी इत्तेफ़ाक़ से जो नज़र मिल भी जाए
तो समझो सारा दिन खराब है।

कभी उसकी बहनें कबाब में हड्डी थीं
मगर अब हड्डी में फँसा कबाब है।

मुझे डरा धमका के सीधा कर लेंगे
तेरे भाइयों को आया ये ख्वाब है।

लाओ मेरे छुट्टे पैसे वापस कर दो
अभी चुकाना तुम्हें बहुत हिसाब है।

दिलबर क्या यही हैं तेरे प्यार की सौगातें?
बिखरे बाल, घिसे जूते, फटी जुर्राब है।

घर वाले गर पूछें कहाँ जा रही हो?
कहना सहेली की तबीयत खराब है।

आइ हो , दो चार घड़ियाँ बैठो तो सही
रिक्शे का ड्राइवर कौन सा नवाब है।

“राज” तुम खुद को समझते क्या हो?
याद उसका, यही मेरा जवाब है॥

b_vaibhavi
12-10-2011, 09:12 AM
आशिक ने कहा माशुका से

“तुम जल्दी से विवाह की तारीख

तय कर लो,

मेरा अभी तक दिल बहलाया है

अब खाली घर भी भर दो,

वरना तुम्हारे घर के बाहर

आमरण अनशन पर बैठ जाऊंगा,

भूखा प्यासा मरकर अमर आशिक का दर्जा पाऊँगा,

दुनिया मेरी याद में आँसू बहाएगी।”



सुनकर माशुका झल्लाई

और गरजते हुए बोली

“मुझे मालूम है

नौकरी से तुम्हारी होने वाली है छटनी,

बन जाएगी तुम्हारी जेब की चटनी,

अब तुम मेरे खर्चे नहीं उठा पाओगे,

b_vaibhavi
12-10-2011, 09:14 AM
कब्जी की आम शिकायत हो, या बदहज़मी के हो शिकार,

नाड़ी जो ढीली चलती हो, अथवा गमगीन बने रहते हो

मत फ़िरो डॉक्टर के पीछे, राम ने राह बताई

ऊपर के रोगों की खातिर, जरदा पेटेंट दवाई है.



हमको कड़वा लगता है, खाने वाले को शरबत है,

राणा जी को जो जहर लगे वो मीरा बाई को अमृत है,

आख़िर जरदा ही मांगा है जेवर चाहा दान नहीं

इन्सल्ट प्रूफ जरदेवाले इनका होता अपमान नहीं

वह गौरी है यह कैसरिया सो रंग वाला बाना ज़ी

जोरू बिन महीना काट सको, जरदे बिन बहुत कठिन जी

तुम मर्द नहीं बन सकते, तलवार चलाने से

मर्दानगी का सर्टिफिकेट मिलता है, जरदा खाने से.

b_vaibhavi
12-10-2011, 09:15 AM
आपके जीवन में वो आई नहीं, पर फील गुड

आपने कोई खुशी देखी नहीं, पर फील गुड


डिग्रियाँ हैं पास में देने को पर रिश्वत नहीं

नौकरी ढूँढ़ें से भी मिलती नहीं, पर फील गुड


घर का राशन ख़त्म है तो क्या हुआ उपवास रख

जेब में फूटी भी इक कौड़ी नहीं, पर फील गुड


घूस लेकर भी पुलिस का छोड़ देना कम है क्या ?

तेरी नज़रों में पुलिस अच्छी नहीं, पर फील गुड


कल थे जो उस पार्टी में आज इसमें आ गए

कुछ समझ में बात ये आई नहीं, पर फील गुड


देश क़र्जों में धँसा है, भ्रष्टता है चरम पर

बात तुमने ये कभी सोची नहीं, पर फील गुड


आप जनता हैं समय की आपको परवाह क्या

ट्रेन टाइम से कभी आती नहीं, पर फील गुड





एक ने मंडल बनाए, एक ने बंडल किए

बात दोनों की हमें भाई नहीं, पर फील गुड



नाम इक दिन आएगा इतिहास में ‘अनमोल’ का

आज इसको जानता कोई नहीं, पर फील गुड

b_vaibhavi
12-10-2011, 09:16 AM
जय बोलो बेईमान की

मन, मैला, तन ऊजरा, भाषण लच्छेदार,
ऊपर सत्याचार है, भीतर भ्रष्टाचार।
झूटों के घर पंडित बाँचें, कथा सत्य भगवान की,
जय बोलो बेईमान की !



प्रजातंत्र के पेड़ पर, कौआ करें किलोल,
टेप-रिकार्डर में भरे, चमगादड़ के बोल।
नित्य नई योजना बन रहीं, जन-जन के कल्याण की,
जय बोल बेईमान की !



महँगाई ने कर दिए, राशन-कारड फेस
पंख लगाकर उड़ गए, चीनी-मिट्टी तेल।
‘क्यू’ में धक्का मार किवाड़ें बंद हुई दूकान की,
जय बोल बेईमान की !



डाक-तार संचार का ‘प्रगति’ कर रहा काम,
कछुआ की गति चल रहे, लैटर-टेलीग्राम।
धीरे काम करो, तब होगी उन्नति हिंदुस्तान की,
जय बोलो बेईमान की !



दिन-दिन बढ़ता जा रहा काले घन का जोर,
डार-डार सरकार है, पात-पात करचोर।
नहीं सफल होने दें कोई युक्ति चचा ईमान की,
जय बोलो बेईमान की !



चैक केश कर बैंक से, लाया ठेकेदार,
आज बनाया पुल नया, कल पड़ गई दरार।
बाँकी झाँकी कर लो काकी, फाइव ईयर प्लान की,
जय बोलो बईमान की !



वेतन लेने को खड़े प्रोफेसर जगदीश,
छहसौ पर दस्तखत किए, मिले चार सौ बीस।
मन ही मन कर रहे कल्पना शेष रकम के दान की,
जय बोलो बईमान की !



खड़े ट्रेन में चल रहे, कक्का धक्का खायँ,
दस रुपए की भेंट में, थ्री टायर मिल जायँ।
हर स्टेशन पर हो पूजा श्री टी.टी. भगवान की,
जय बोलो बईमान की !



बेकारी औ’ भुखमरी, महँगाई घनघोर,
घिसे-पिटे ये शब्द हैं, बंद कीजिए शोर।
अभी जरूरत है जनता के त्याग और बलिदान की,
जय बोलो बईमान की !



मिल-मालिक से मिल गए नेता नमकहलाल,
मंत्र पढ़ दिया कान में, खत्म हुई हड़ताल।
पत्र-पुष्प से पाकिट भर दी, श्रमिकों के शैतान की,
जय बोलो बईमान की !



न्याय और अन्याय का, नोट करो जिफरेंस,
जिसकी लाठी बलवती, हाँक ले गया भैंस।
निर्बल धक्के खाएँ, तूती होल रही बलवान की,
जय बोलो बईमान की !



पर-उपकारी भावना, पेशकार से सीख,
दस रुपए के नोट में बदल गई तारीख।
खाल खिंच रही न्यायालय में, सत्य-धर्म-ईमान की,
जय बोलो बईमान की !



नेता जी की कार से, कुचल गया मजदूर,
बीच सड़कर पर मर गया, हुई गरीबी दूर।
गाड़ी को ले गए भगाकर, जय हो कृपानिधान की,
जय बोलो बईमान की !

b_vaibhavi
12-10-2011, 09:19 AM
माशुका को उसकी सहेली ने समझाया
‘आजकल खुल गयी है
सच बोलने वाली मशीन की दुकानें
उसमें ले जाकर अपने आशिक को आजमाओ।
कहीं बाद में शादी पछताना न पड़े
इसलिये चुपके से उसे वहां ले जाओ
उसके दिल में क्या है पता लगाओ।’



माशुका को आ गया ताव
भूल गयी इश्क का असली भाव
उसने आशिक को लेकर
सच बोलने वाली मशीन की दुकान के
सामने खड़ा कर दिया
और बोली
‘चलो अंदर
करो सच का सामना
फिर करना मेरी कामना
मशीन के सामने तुम बैठना
मैं बाहर टीवी पर देखूंगी
तुम सच्चे आशिक हो कि झूठे
पत लग जायेगा
सच की वजह से हमारा प्यार
मजबूत हो जायेगा
अब तुम अंदर जाओ।’

आशिक पहले घबड़ाया
फिर उसे भी ताव आया
और बोला
‘तुम्हारा और मेरा प्यार सच्चा है
पर फिर भी कहीं न कहीं कच्चा है
मैं अंदर जाकर सच का
सामना नहीं करूंगा
भले ही कुंआरा मरूंगा
मुझे सच बोलकर भला क्यों फंसना है
तुम मुझे छोड़ भी जाओ तो क्या फर्क पड़ेगा
मुझे दूसरी माशुकाओं से भी बचना है
कोई परवाह नहीं
तुम यहां सच सुनकर छोड़ जाओ
मुश्किल तब होगी जब
यह सब बातें दूसरों को जाकर तुम बताओ
बाकी माशुकाओं को पता चला तो
मुसीबत आ जायेगी
अभी तो एक ही जायेगी
बाद में कोई साथ नहीं आयेगी
मैं जा रहा हूं तुम्हें छोड़कर
इसलिये अब तुम माफ करो मुझे
अब तुम भी घर जाओ।’

malethia
12-10-2011, 05:44 PM
जिन्दगी से परेशान हैं लोग इस जहान में,

जिन्दगी जी कर दिखाने वाला कोई-कोई है

नफरत ही नफरत है हर दिल में आजकल

पैगाम मोहब्बत के पढ़ने वाला कोई-कोई है

दोस्त तो बहुत मिल जाते है हर राह में

पर दोस्ती निभाने वाला कोई-कोई है

ना जिन्दगी चाहती है ना मौत मुझे

यहाँ जिन्दगी को समझ पाने वाला कोई-कोई है

Sikandar_Khan
12-10-2011, 06:04 PM
गरमी हसरत-ए -नाकाम से जल जाते हैँ
हम चिरागोँ की तरह शाम से जल जाते हैँ
शमा जिस आग मे जलती है नुमाइश के लिए
हम उसी आग मे गुमनाम से जल जाते हैँ
खुद नुमाई तो नही शबव - ए -अश्बाब वफा
जिनको जलना हो वो आराम से जल जाते हैँ
रब्त बहम ये नही क्या ना कहेँगे दुश्मन
आशना जब तेरे पैगाम से जल जाते हैँ
जब भी आता है मेरा नाम तेरे नाम के साथ
जाने क्योँ लोग मेरे नाम से जल जाते हैँ....

ndhebar
12-10-2011, 06:12 PM
शायद ये शेर किसी फिल्म में था
एक गाने से पहले

Sikandar_Khan
12-10-2011, 06:17 PM
शायद ये शेर किसी फिल्म में था
एक गाने से पहले

शायद "राज" फिल्म मे था लेकिन अधूरा |

ndhebar
12-10-2011, 06:25 PM
शायद "राज" फिल्म मे था लेकिन अधूरा |
बिल्कुल सही पकड़ा है गुरु
उसी फिल्म में है

Sikandar_Khan
13-10-2011, 08:37 PM
तुम उदास ना हुआ करो
फूल मुरझा जाते हैं
आंसू तुम पलकों पे ना रोका करो
होंठ प्यासे रह जाते हैं ..........

Sikandar_Khan
13-10-2011, 08:44 PM
पता नहीं तुझपे मेरी किस बात का असर होने वाला है ,

कोई राज आज तेरी जुबां से फिर खुलने वाला है ......

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:02 PM
अपने मतलब के लिए कभी प्यार न करना
झूठे दिल से कभी ईकरार न करना
अगर न हो मोहब्बत तो कोई बात नहीं
पर किसी से कभी झूठा ईकरार न करना

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:03 PM
लाजबाब हैं हमारा जीने का फसाना
कोई सीखे हमसे हर पल मुस्कुराना
मेरी हंसी को नज़र न लगा देना दोस्तो
बरी मुस्किल से सिखा हैं गम छुपा कर मुस्कुराना

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:03 PM
सबसे उसने दोस्ताना बना रखा हैं !
हर किसी को अपना दीवाना बना रखा हैं !!
हर कोई देख लेता हैं उसकी सूरत में अपनी सूरत !
जैसे उसने अपनी सूरत पे कोई आईना लगा रखा हैं !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:04 PM
तोडने के लिए वादा किया नहीं जाता
सोच समझ कर प्यार किया नहीं जाता
यकीन करो प्यार हो या दोस्ती
अगर दिल से की हो तो उसके बिना एक पल जिया नहीं जाता

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:04 PM
जिंदगी एक अभिलाषा हैं
क्या गजब इसकी परिभाषा हैं
जिंदगी क्या हैं मत पूछो आए दोस्तों
सवर गई तो दुल्हन, बिखर गई तो तमाशा है

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:05 PM
हम नजरो से दूर हैं आँखों से नहीं !
हम ख्वाबो से दूर हैं खयालो से नहीं !!
हम दिल से दूर हैं धड़कनो से नहीं !
हम आपसे दूर हैं आपके यादो से नहीं !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:05 PM
यादों ने पास आकर कुछ यूँ गुनगुना दिया
जैसे किसी ने भुला हुवा फसाना सुना दिया
जाने क्या बात थी उस गुजरे पल में....
की दिल रोया लेकिन चेहरा मुस्कुरा दिया

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:05 PM
आँखों के इशारे समझ नहीं पाते
होठों से दिल की बात कह नहीं पाते
अपनी बेबसी हम किस तरह कहें
कोई हैं जिसके बिना हम रह नहीं पाते

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:06 PM
जो सदियों से होता आया है वो रिपीट कर दूँगा
तू न मिली तों तुझे दिल से शिफ्ट +डिलीट कर दूँगा

कम्पनी की लडकियां सुंदर और लोनली है
प्रॉब्लम ये है के वो बस रीड ओनली हैं

शायद मेरे प्यार को टेस्ट करना भूल गए
दिल से ऐसा कट किया के पेस्ट करना भूल गए

तुम्हारे सामने है इतने आईटम्स कभी हमें भी पिक करो
हमारे प्यार के आईकन को कभी तों तुम डबल क्लिक करो

रोज सुबह हम करते है उन्हें इतने प्यार से गुड मोर्निंग
वो हमें घूर कर देखते है ऐसे जैसे जीरो इरर्स बट फाइव वार्निंग्स

हो गयी गलती हमसे क्लिक हो गया माउस
दुनिया की परवाह छोडो बन जाओ मेरे स्पाउस (बीवी )

तुमसे मिला मै कल तों मेरे दिल में हुआ एक साउंड
लेकिन तुम आज मिली तों कहती हो फाईल नोट फाउंड

अब और न कहो तुम बट या इफ
तुम हो मेरी जिंदगी की "जी आई एफ "(.gif)

ऐसा भी नही है के आई डोंट लाईक योर फेस
पर दिल के कम्यूटर में नही है एनफ डिस्क स्पेस

घर से निकलती हो तुम जब पहन कर इवनिंग गाउन
तों तुम्हें देख कर हो जाता है सर्वर डाउन

तुम्हारे लिए प्यार की अप्लिकेशन क्रियेट मै करूँगा
तुम उसे debug करना वेट मै करूँगा

तुम्हारा इंतज़ार करते करते मै सो गया
ये देखो मेरे कनेक्शन टाईम आउट हो गया

क्या चाल है तुम्हारी जैसे चलती हो कोई कैट
व्हाट इस योर चैट आई डी ,आओ करें चैट

तुम जबसे मेरे जिंदगी में आई हो बनके फिमेल
याद रहा न अब कुछ ,न पोस्ट मैन न ई मेल

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:07 PM
दिन कट रहे हैं कशमकश-ए-रोज़गार में
दम घुट रहा है साया-ए-अब्र-ए-बहार में
आती है अपने जिस्म से जलने की बू मुझे
लुटते हैं नकहतों के सबू जब भी बहार में
गुजरा इधर से जब कोई झोंका, तो चौंककर
दिल ने कहा, ये आ गए हम किस दियार में
मैं एक पल को रंज-ए-फुरावाँ में खो गया
मुरझा गए हैं जमाने मिरे इन्तिज़ार में
है कुञ्ज-ए-आफियत, तुझे पाकर पता चला
क्या हुमहुमे थे गर-ए-सरे-रहगुज़ार में
-------------- मजीद अमज़द 'अमज़द'

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:09 PM
प्यासी निगाहों ने हर पल उनका दीदार माँगा !
जैसे अमावस ने हर रात चाँद माँगा !!
आज रूठ गया हैं वो खुदा भी हमसे !
जब हमने अपनी हर दुवा में उनका साथ माँगा !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:09 PM
तम्मनाओ से नही तन्हाई से डरते हैं !
प्यार से नही रुसवाई से डरते हैं !!
मिलने की तो बहुत चाहत हैं आपसे !
पर मिलने के बाद जुदाई से डरते हैं !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:10 PM
दिल जब टूटता हैं तो आवाज़ नही आती !
हर किसी को मोहब्बत रास नही आती !!
ये तो अपने अपने नशीब की बात हैं दोस्त !
कोई भूलता ही नही किसी को याद ही नही आती !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:10 PM
आँखों में आसूँ आ जाते हैं !
फिर भी लबो पे हँसी रखनी परती हैं !!
ये मोहब्बत भी क्या चीज हैं यारो !
जिससे करते हैं उसी से छुपानी परती हैं !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:11 PM
हो सकता हैं हमने अनजाने में कभी आपको रुला दिया !
आपने दुनियाँ के कहने पर हमको भुला दिया !!
हम तो वैसे भी अकेले थे !
क्या हुवा अगर आपने एहसास दिला दिया !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:12 PM
खुदा करें जल्द आप की दुया कुबूल हो जाएँ
फूलों की बरसात इनके घर आँगन हो जाएँ !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:13 PM
खुदा न करे कभी आपको खुशियों की कमी हो
कदम के निचे सदा फूलो की जमी हो !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:16 PM
कश्ती बह जाती है तूफान चले जाते है
यादें रही जाती हैं इन्सान चले जाते है

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:22 PM
काश बनाने वाले ने दिल कांच के बनाये होते,

तोड़ने वाले के हाथ में ज़ख्म तो आये होते.....

http://myhindiforum.com/images/smilies/tuta-dil.gif

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:23 PM
कोई इसके साथ है , कोई उसके साथ है ,

देखना ये चाहिए , मैदान किसके हाथ है.....

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:24 PM
रस्ते को भी दे दोष , आँखें भी कर लाल,

चप्पल में जो कील है , पहले उसे निकाल.....

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:25 PM
मेहरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक़्त,

मैं गया वक़्त नहीं की फिर आ भी ना सकूँ.....

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:29 PM
ज़िन्दगी से जो भी मिले , सीने से लगा लो,

गम को सिक्के की तरह उछाला नहीं करते......

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:39 PM
दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद है,

देखना है , फेंकता है मुझ पर पहला तीर कौन......

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:45 PM
बात कम कीजिये ,जहालत छुपाते रहिये,

अजनबी दुनिया है , दोस्त बनाते रहिया ,

दिल मिले ना मिले , हाथ मिलाते रहिये...

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:48 PM
वो मेरी चाहत को यूँ आजमाते रहे
गैरों से मिल के दिल को जलाते रहे
मेरी मौत के बाद भी जालिम को न आया रहम
ला कर फूल मेरे बाजू वाली कब्र पर चढ़ाते रहे

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:51 PM
उजाले में शमा जलाने से क्या फायदा
वक्त गुजरने के बाद पछताने से क्यां फायदा

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:51 PM
इस जहां में कब किसी का दर्द अपनाते हैं लोग ,
रुख हवा का देख कर अक्सर बदल जाते हैं लोग

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:52 PM
सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का
मैं इक कतरा हूँ तनहा तो बह नहीं सकता

b_vaibhavi
13-10-2011, 10:52 PM
सागर को छुआ तो लहरों की याद आई
आसमान को छुआ तो तारों की याद आई
काँटों को छुआ तो फूलों की याद आई
अपने दिल को छुआ तो सिर्फ आपकी याद आई

bhoomi ji
13-10-2011, 10:59 PM
सागर को छुआ तो लहरों की याद आई
आसमान को छुआ तो तारों की याद आई
काँटों को छुआ तो फूलों की याद आई
अपने दिल को छुआ तो सिर्फ आपकी याद आई
क्या बात है :bravo::bravo:

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:02 PM
लाख तलवारे बढ़ी आती हों गर्दन की तरफ
सर झुकना नहीं आता तो झुकाए कैसे

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:10 PM
लाख तलवारे बढ़ी आती हों गर्दन की तरफ
सर झुकना नहीं आता तो झुकाए कैसे

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:12 PM
हादसों की ज़द में हैं तो मुस्कुराना छोड़ दें ,

जलजलों के खौफ से क्या घर बनाना छोड़ दें ??/

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:15 PM
सफ़र में मुश्किलें आयें, तो जुर्रत और बढती है ,

कोई जब रास्ता रोके , तो हिम्मत और बढती है....

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:25 PM
एक काँच ने पत्थर से मोहब्बत करली !
टकरा कर उससे अपनी जिंदगी चकनाचूर करली !!
काँच की दीवानगी तो देखिए......!
अपने हजारो टुकरो में भी उसकी तस्वीर भरली !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:31 PM
उनकी याद में जलना अजीब लगता हैं !
धीरे - धीरे से पिघलना अजीब लगता हैं !!
सारी दुनियाँ के बदलने से मुझे फर्क नहीं परता !
बस कुछ अपनों का बदलना अजीब लगता हैं !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:35 PM
मेहनत लगती हैं सपनो को हकीकत बनाने में !
होसला लगता हैं बुलंदियों को पाने में .....!!
अरसा लगता हैं एक जिंदगी बनाने में !
जिंदगी भी कम पर जाती हैं एक सच्चा दोस्त पाने में !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:39 PM
हर खामौशी में दो बात होती हैं !
हर दिल में एक याद होती हैं !!
आपको पता हो या न हो ...!
आपकी ख़ुशी के लिए रोज हमारी फरियाद होती हैं

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:40 PM
रूठे हुए को मनाना जिंदगी हैं !
दुसरो को हँसाना जिंदगी हैं !!
कोई जीत कर खुश हुवा तो क्या हुवा !
सब कुछ हार कर मुश्कुराना जिंदगी हैं !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:41 PM
मुमकिन नहीं इस प्यार को भुला पाना !
मुमकिन नहीं आपको यादों से मिटा पाना !!
आप एक कीमती तोहफा हो दोस्ती का !
मुमकिन नहीं इस तोहफे की किम्मत चूका पाना !!

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:43 PM
आईना टूट भी जाए तो कोई बात नहीं
लेकिन दिल न टूटे ये बिकते नहीं बाजारों में

b_vaibhavi
13-10-2011, 11:46 PM
कहाँ से आ गयी दुनिया कहाँ, मगर देखो,
कहाँ-कहाँ से अभी कारवाँ गुज़रता है।

हम वहाँ हैं जहाँ अब अपने सिवा,
एक भी आदमी बहुत है

b_vaibhavi
14-10-2011, 12:03 AM
टुकड़े-टुकड़े दिन बीता,
धज्जी-धज्जी रात मिली।
जिसका जितना आंचल था,
उतनी ही सौग़ात मिली।।
जब चाहा दिल को समझें,
हंसने की आवाज़ सुनी।
जैसे कोई कहता हो, लो
फिर तुमको अब मात मिली।।
बातें कैसी ? घातें क्या ?
चलते रहना आठ पहर।
दिल-सा साथी जब पाया,
बेचैनी भी साथ मिली।।

b_vaibhavi
14-10-2011, 12:06 AM
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये

b_vaibhavi
14-10-2011, 12:06 AM
हमने इक शाम चराग़ों से सजा रक्खी है
शर्त लोगों ने हवाओं से लगा रक्खी है

b_vaibhavi
14-10-2011, 12:08 AM
क्या पता था, दोस्त ऐसे भी दगा दे जाएगा ,

अपने दुश्मन को मेरे घर का पता दे जाएगा....

Sikandar_Khan
14-10-2011, 12:20 AM
हम है की अरसो से सोये ही नहीं ..

पलकों के किनारे हमने भिगोये ही नहीं .

वो समझते है के हम उन्हें याद कर के रोये ही नहीं ..
पूछते है की ख्वाबो में आता है कौन ?*

Sikandar_Khan
14-10-2011, 12:21 AM
लफ्जो की तरह दिल की किताबो में मिलेंगे

या बन के महक गुलाबो में मिलेंगे मिलने के लिए


ऐ दोस्त

जरा जल्दी सोना आज हम तुमसे तुम्हारे ख्वाबो में मिलेगे

b_vaibhavi
14-10-2011, 09:10 AM
हर कोई साथ हो ये जरुरी नहीं होता !
जगह तो दिल में बनायीं जाती हैं !!
पास होकर भी दोस्ती इतनी अटूट नहीं होती !
जितनी की दूर रह कर निभाई जाती हैं !!

ndhebar
14-10-2011, 01:53 PM
बड़ा बेचैन होता जा रहा हूं,
न जाने क्यूं नहीं लिख पा रहा हूं

तुम्हे ये भी लिखूं वो भी बताऊं,
मगर अल्फ़ाज़ ढूंढे जा रहा हूं

मोहब्बत का यही आ़गाज़ होगा,
जिधर देखूं तुम्ही को पा रहा हूं

कभी सूखी ज़मीं हस्ती थी मेरी,
ज़रा देखो मैं बरसा जा रहा हूं

किसी दिन इत्तेफ़ाकन ही मिलेंगे,
पुराने ख्वाब हैं दोहरा रहा हूं

मुझे आगोश में ले लो हवाओं,
गुलों से बोतलों में जा रहा हूं

शरारत का नया अंदाज़ होगा,
मैं शायद बेवजह घबरा रहा हूं

किसे परवाह है अब मंज़िलों की,
मोहब्बत के सफ़र पर जा रहा हूं

दिलों की नाज़ुकी समझे हैं कब वो,
दिमागों को मगर समझा रहा हूं

शब-ए-फ़ुरकत की बेबस हिचकियों से,
तसल्ली है कि मैं याद आ रहा हूं

मोहब्बत थी कहां हिस्से में ,
गज़ल से यूं ही दिल बहला रहा हूं..

malethia
14-10-2011, 02:15 PM
अपने लिए भी वक्त नही जब पास किसी के
क्या आएगा शख्स कोई फिर काम किसी के

करता है सो भरता है अब नही जरूरी दुनिया में
करता है कोई और आ जाते इल्जाम किसी पे

गिरते गिरते किस हद तक देखो गिर गये लोग
कासिद है किसी का और पहुंचे पैगाम किसी के




हर हाथ में है आईना तो दूजो को दिखाने की खातिर
खुद को देखे बिन बीते कितने सुबह शाम किसी के

थी प्यास समुन्द्र पीने की, दो घूँट पिला टाला तूने
अब तुम ही कहो हम क्या माने अहसान किसी के
मयखाने तेरे में रहे तो प्यास बुझाने जाते कहाँ
क्यों जीभ फेरते होंठो पे बीते फिर सुबह शाम किसीके
किसको तमन्ना थी साकी तेरा मयखाना छोड़ने की
मज़बूरी में ही ढूंढे हमने सुराही जाम किसी के
इस मयखाने में आने से कुछ भी नही होना हासिल
साकी ही प्यासा है तो क्या भर पायेगा जाम किसी के

ndhebar
14-10-2011, 02:30 PM
करता है सो भरता है अब नही जरूरी दुनिया में
करता है कोई और आ जाते इल्जाम किसी पे



क्या बात है

आजकल ज्यादातर यही होता है

Ranveer
14-10-2011, 03:53 PM
पेश है एक मेरी तरफ से -

नज़र वो है की जो
कौनों मकाँ के पार हो जाए
मगह जब रूह -ए -ताबाँ पर पड़े तो
बेकार हो जाए
नज़र उस हुस्न पर ठहरे तो
आखिर किस तरह ठहरे
कभी वो फूल बन जाए तो
कभी रुखसार बन जाए
चला जाता हूँ हंसता खेलता
मौजे हवा दिश से
अगर आसानियाँ हो जिंदगी
तो दुश्वार हो जाए.....

Ranveer
14-10-2011, 04:14 PM
~अपनी फितरत ~

नापते रहे दूसरों मे कितना जहर है भरा
अपने बदन मे फैला जहर देखा नही कभी
दूसरों से सदा शिकायत रही हमे
दूसरों की शिकायत पर गौर किया नही कभी

b_vaibhavi
15-10-2011, 08:42 AM
उनके होंठो पे मेरा नाम जब आया होगा ..
खुदको रुसवाई से फिर कैसे बचाया होगा ..
सौनके फ़साना औरो से मेरी बर्बादी का ..
क्या उनको अपना सितम न याद आया होगा ?

b_vaibhavi
15-10-2011, 08:42 AM
आज हम उन्हें बेवफा बता कर आये हैं ,
उनके खतों को पानी में बहाकर आये हैं ,
कोई निकल कर पद ना ले उन्हें ,
इस लिए पानी में भी आग लगा कर आये हैं

b_vaibhavi
15-10-2011, 08:44 AM
कुछ तो मजबूरिय रही होंगी युही कोई बेवफा नहीं होता टटोल कर देखो अपने दिल को फासला बेवजा नहीं होता

b_vaibhavi
15-10-2011, 08:48 AM
तेरी बेरुखी को भी रुतबा दिया हमने . प्यार का हर फ़र्ज़ अदा किया हमने . मत सोच के हम भूल गए हैं तुझे ; आज भी खुदा से पहले तुझे याद किया हमने …

b_vaibhavi
15-10-2011, 08:52 AM
चाँद लम्हों की जिंदगानी है , नफरतों से जिया नहीं करते ,
लगता है दुसमानों से गुज़ारिश करनी पड़ेगी , दोस्त तो आब याद किया नहीं करते

b_vaibhavi
15-10-2011, 08:54 AM
दिल से मैं नाराज़ थी ,
फिर सोचा की दिल से तुम्हे निकल दूँ ,
मगर वोह कम्बक्थ दिल भी तुम्हारे पास था …

b_vaibhavi
15-10-2011, 09:04 AM
पास आकर सभी दूर चले जाते हैं , अकेले थे हम अकेले रह ही जाते हैं इस दिल का दर्द दिखाएं किसे मरहम लगाने वाले ही ज़क्म दे जाते हैं …

b_vaibhavi
15-10-2011, 09:10 AM
हर कोई प्यार के लिए तरपता है …
हर कोई प्यार के लिए रोता है ….
मेरे प्यार को गलत मत समझ ना ….
प्यार तो दोस्ती में भी होता है .

bhavna singh
16-10-2011, 02:06 PM
दर्द मीठा हो तो रुक रुक के कसक होती है
याद गहरी हो तो थम थम के क़रार आता है |

Sikandar_Khan
16-10-2011, 02:20 PM
अगर तू वजह न पूछे तो एक बात कहूँ ....!
बिन तेरे अब हमसे भी जिया नहीं जाता ....!!
मुहब्बत का अज़ल से एक यही दस्तूर है .....!
जो इसको जान लेता है ,ये उसकी जान लेती है ....!!

Sikandar_Khan
16-10-2011, 02:38 PM
मेरी सांसों में वो रहती है वो खुशबु सी बनके
कोई मेरे कमरे में आईना देख के संवारता है .....!

Sikandar_Khan
16-10-2011, 02:47 PM
मुहब्बत में दिल को तुम दरिया न बनाओ ..
इश्क की आग ऐसी है यहाँ अक्सर लोग हाँथ जलाते हैं

Sikandar_Khan
16-10-2011, 02:51 PM
बहुत सोचा था अपनी चाहत उसे बता दूँ ....
आज दिया मैंने फूल तो उसने लिया ही नहीं .....!

Sikandar_Khan
16-10-2011, 02:55 PM
औरों की सुबह तो सूरज की रौशनी के साथ सुरु होती है
मेरा तो दिन उसका चेहरा देखने से निकलता है .....!

Sikandar_Khan
16-10-2011, 02:59 PM
ढलती शाम को तेरा मेरे पास से उठ के जाना ,
कल मुझे करना पड़े तेरा इंतज़ार बहुत है .....!

Sikandar_Khan
16-10-2011, 03:04 PM
खोल कर किताब मै कितनी देर और पढता रहता,
उसका अक्स हर लफ्ज़ के मायनें बदल के बाहर आया है ......!

Sikandar_Khan
16-10-2011, 03:11 PM
भीगी हो तुम बारिश में आज कितना
दे दूँगा मै सांसों की गर्मी जो ले सकती हो
हवाओं से न तुम कोई शिकायत करो अब
कंधे पे मेरे सर रखकर नींद आई जितनी सो सकती हो

Sikandar_Khan
16-10-2011, 03:24 PM
न जाने क्यों दिल में ये ख़याल है
दिल में उठ रहा बस यही सवाल है
क्यों तडपता हूँ मै उसके लिए इतना
क्या मेरे बिना उसका भी यही हाल होता है ...?

Sikandar_Khan
16-10-2011, 04:21 PM
जब तक जिंदगी रहती है कारवां चलता रहता है ,
तूफ़ान आते जाते हैं रास्ता आगे बढ़ता रहता है .....!

Sikandar_Khan
16-10-2011, 04:55 PM
तमन्ना रखने से हांसिल होता भी क्या
आरजू अपनों की थी गैरों से बात करता भी क्या ....?

Sikandar_Khan
16-10-2011, 04:56 PM
याद नहीं होगा होगा तुम्हे अब कुछ भी
भूल जाऊं सब यही मुनासिब होगा ......!

bhavna singh
16-10-2011, 07:26 PM
बिखरे थे जो अल्फ़ाज इस कायनात में
समेंटा है उन्हें चंद पन्नों की किताब में
अब दुआ नहीं मांगता बस पूंछता हुं खुदा से
अभी कितनी सांसे और हैं हिसाब में..........

Sikandar_Khan
17-10-2011, 12:51 AM
इज़हारे मुहब्बत पे अजब हाल है उनका
आँखें तो रज़ामंद हैं ,लब सोच रहे हैं |

Sikandar_Khan
17-10-2011, 09:00 PM
कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी,यूँ ही कोई बेवफ़ा नहीं होता।
अपना दिल भी टटोलकर देखो,फांसला बेवजह नहीं होता

Sikandar_Khan
23-10-2011, 01:14 PM
वीरान रास्तोँ पर चला हूँ मौत के सफर पर
ये एक गम काफी न था जो तोहमत लगा दी बेवफाई की |

bhavna singh
24-10-2011, 08:36 PM
हो न रंगीन तबीयत भी किसी की या रब
आदमी को यह मुसीबत में फँसा देती है

निगहे-लुत्फ़ तेरी बादे-बहारी है मगर
गुंचए-ख़ातिरे-आशिक़ को खिला देती है

Sikandar_Khan
24-10-2011, 08:43 PM
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला
मैं मोम हूँ उसने मुझे छू कर नहीं देखा

Sikandar_Khan
11-11-2011, 08:39 PM
सियासत मुफलिसोँ पर ये एहसान करती है
आँखे छीनती है और चश्मेँ दान करती है |

malethia
22-12-2011, 11:55 AM
इश्क वो खेल नहीं जो छोटे दिल वाले खेलें;
रूह तक काँप जाती है, सदमे सहते-सहते!

Ranveer
23-12-2011, 09:28 PM
राह चलते हुए अक्सर ये गुमां होता है ..
वो नज़र छुपके मुझे देख रही हो जैसे ..

https://fbcdn-sphotos-a.akamaihd.net/hphotos-ak-ash4/402375_336162446394946_100000035813143_1438800_548 324544_n.jpg

Ranveer
23-12-2011, 09:34 PM
अपने हसीन होंठों को किसी चीज़ से छुपा लिया करो ..
हम गुस्ताख लोग हैं , नज़रों से चूम लिया करतें हैं |

jitendragarg
23-12-2011, 11:06 PM
1 Bewafa Ki Yaad Me Hathon Me JAAM Utha Liya.
.

.

.

Phir Lagaya Bread Pe Aur fatafat Kha liya.

NOtE: Saare AASHIQ Bevde NAHI HOTE, KUCH BHUKE BHI HOTE haI! —

Sikandar_Khan
24-12-2011, 08:16 AM
अपने हसीन होंठों को किसी चीज़ से छुपा लिया करो ..
हम गुस्ताख लोग हैं , नज़रों से चूम लिया करतें हैं |


ये किसी एक के लिए लिखा गया है या फिर जनता सेवा के लिए है ?

Ranveer
24-12-2011, 10:18 PM
ये किसी एक के लिए लिखा गया है या फिर जनता सेवा के लिए है ?
नहीं सरकार !
जनता सेवा के लिए नहीं है ...:p:)

Ranveer
24-12-2011, 10:19 PM
यूँ ना खींच , अपनी तरफ मुझे बेबस करके ..
की खुद से भी बिछड जाऊं , और तू भी न मिले ..

malethia
27-12-2011, 05:23 PM
जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है;
जिंदगी के कई इम्तिहान अभी बाकी है;
अभी तो नापी है मुट्ठी भर ज़मीं हमने;
अभी तो सारा आसमान बाकी है!

Ranveer
29-12-2011, 08:51 PM
मै इस दुनिया को देखकर
अक्सर हैरान होता हूँ
न मुझसे बन सका एक घर
खुदा, तुने कैसे ये जहां बना डाला
(अनजान )

Ranveer
29-12-2011, 08:55 PM
अपने आवाज़ की लरजिश पे तो काबू पा लो
प्यार के बोल तो ओंठों से निकल आतें हैं
अपने तेवर तो संभालो की कोई ये न कहे
दिल बदलते हैं तो चेहरे भी बदल जातें हैं

Ranveer
29-12-2011, 09:09 PM
कभी कभी दिल उदास होता है
हल्का हल्का सा आँखों को एहसास होता है
छलकती है मेरी भी आँखों से नमी
जब तुम्हारे दूर होने का एहसास होता है

malethia
31-12-2011, 11:12 AM
हम भी बिकने गए थे बाज़ार-ऐ-इश्क में,
क्या पता था वफ़ा करने वालो को लोग ख़रीदा नहीं करते !

Ranveer
06-01-2012, 12:44 AM
देखने वाले हर चीज़ को गलत नजरिये से देखतें हैं ,
माली से गर हिफाज़त हो जाती , तो गुलाब के संग कांटे क्यूँ निकलते ||

Ranveer
06-01-2012, 12:47 AM
तुम्हारी सांसों की खुशबु से टूट जाऊँगा ,
करीब आकर भी थोड़ा सा फासला रखना ..

Ranveer
06-01-2012, 01:21 PM
एक नाटक है जिंदगी जिसमे ,
आह की जाए ..वाह की जाए ..

http://2.bp.blogspot.com/_PSGdRRAdlwg/TPdtrDiQg0I/AAAAAAAAADg/8WxCPOuiq8w/s1600/67330_158255590863058_151833511505266_340287_75772 04_n.jpg

ndhebar
06-01-2012, 01:42 PM
घर के अंदर भी गर मिटना है,

तो संभालों ये घर, हम चले।

जिसमें दिन-रात हम जले,

ऐसे घर से हम बेघर भले।

jokes0
07-01-2012, 11:53 PM
अपनी आंखों के समंदर में उतर जाने दे
तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे
ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको
सोचता हूँ कि कहूँ तुझसे, मगर जाने दे.

jokes0
07-01-2012, 11:58 PM
कोई पूछ रहा है मुझ से मेरी ज़िन्दगी की कीमत...

मुझे याद आ रहा हे तेरा हल्के से मुस्कुराना...

Ranveer
08-01-2012, 11:43 PM
कहीं छाँव है कहीं धूप है , कहीं और ही कोई रूप है
कई चेहरे हैं छुपे हुए , एक अजीब सी ये नकाब है
कहीं एक हसीन सा ख्वाब है , कहीं जानलेवा अज़ाब है
कहीं आंसुओं कि हैं दास्ताँ , कहीं मुस्कुराहटों का है बयाँ
कहीं बरकतों कि है बारिशें , कहीं तिश्नगी बेहिसाब है
ये जो जिंदगी कि किताब है , ये किताब भी क्या किताब है ?

(सेहर )

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