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Old 02-07-2015, 10:58 PM   #9
Deep_
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Default Re: "आरोप" मेरी पसंदीदा नवलकथा - १

चाल १



दुसरे दिन नवीन उस रेस के मैदान में पहुंचा जहां उसके वैभवी मित्र रेस खेलने के लिए आते थे। वे नवीन को देख कर हक्का बक्का रह गए। किसी ने उसे परसों ही फटेहाल बीच पर देखा था...और आज यह रंगत?

नवीन एसे दिखाने लगा की वह उन मित्रों को पहेचानता ही नही। उसने दरअसल हर एक घोडे पर दस दस रुपये* का दांव लगाया था। रेस खत्म होने पर वह पैसे कलेक्ट करने एसे गया मानो बहुत बडी रकम जीता हो।



ईस पर नवीन के दोस्त भौंचक्के रह गए। रात को नवीन फ्लेट पर आया, कमलेश ने उसे किसी बैंक में पांच रुपए* से एकाउण्ट खोलने को कहा था। नवीन ने पासबुक दिखाई तो उस पर कमलेश ने थोडी सी प्रेक्टिस कर के पांच के पचास हजार लिख दिए। ईस से कोई फ्रोड नहीं करना था बल्के नवीन के दोस्तों को चकमा देना था।

नवीन का उस दीन सुट ले कर वह दुसरा सुट भी दे गई।



(* कहानी पुरानी है!)

Last edited by Deep_; 02-07-2015 at 11:07 PM.
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