My Hindi Forum

Go Back   My Hindi Forum > Hindi Forum > The Lounge

Reply
 
Thread Tools Display Modes
Old 30-05-2016, 09:40 PM   #1
soni pushpa
Diligent Member
 
Join Date: May 2014
Location: east africa
Posts: 1,252
Thanks: 1,372
Thanked 1,045 Times in 747 Posts
Rep Power: 57
soni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond repute
Default आशा _ निराशा

हम कई बार जीवन की उलझनों में उलझ कर निराशा के गहरे अन्धकार में डूब जाते हैं एइसा लगता है की जीवन के ये अँधेरे हमें निगल ही जायेंगे कोई रास्ता नहीं सूझता तब यदि हम कोई अच्छी चीजें पढ़े अच्छी बातें पढ़े या कहानियां पढ़े तो नजर आता है की नहीं अब भी कुछ नहीं बिगड़ा दूर एक दीपक है जो आशा का दिया है जो सिर्फ हमारे लिए ही जल रहा है जरुरत है तो सिर्फ एक कदम आगे बढ़ने की इसी सन्दर्भ में मैं आप सबसे एक कहानी शेयर करना चाहूंगी --- जो की इस प्रकार से है शायद आपने कही पढ़ी होगी / कई बार कहानिया सिर्फ कहानिया नहीं होती कई लोगों के जीवन से जुडी सच्चाई होती है यदि आप निराशा के अँधेरे से घिरे हैं तो जरुर इस कहानी को पढ़िएगा आपको भी शायद कोई रास्ता मिल जाय
soni pushpa is offline   Reply With Quote
Old 30-05-2016, 09:41 PM   #2
soni pushpa
Diligent Member
 
Join Date: May 2014
Location: east africa
Posts: 1,252
Thanks: 1,372
Thanked 1,045 Times in 747 Posts
Rep Power: 57
soni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond reputesoni pushpa has a reputation beyond repute
Default Re: आशा _ निराशा

रात का समय था, चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था , नज़दीक ही एक कमरे में चार मोमबत्तियां जल रही थीं। एकांत पा कर आज वे एक दुसरे से दिल की बात कर रही थीं।

पहली मोमबत्ती बोली, मैं शांति हूँ ,
पर मुझे लगता है अब इस दुनिया को मेरी ज़रुरत नहीं है , हर तरफ
आपाधापी और लूट-मार मची हुई है, मैं
यहाँ अब और नहीं रह सकती। और ऐसा कहते हुए , कुछ देर में वो मोमबत्ती बुझ गयी।

दूसरी मोमबत्ती बोली , मैं विश्वास हूँ , और मुझे लगता है झूठ और फरेब के बीच मेरी भी यहाँ कोई ज़रुरत नहीं है , मैं भी यहाँ से जा रही हूँ , और दूसरी मोमबत्ती भी बुझ गयी।

तीसरी मोमबत्ती भी दुखी होते हुए बोली , मैं प्रेम हूँ, मेरे पास जलते रहने की ताकत है, पर आज हर कोई इतना व्यस्त है कि मेरे लिए किसी के पास वक्त ही नहीं, दूसरों से तो दूर लोग अपनों से भी प्रेम करना भूलते जा रहे हैं ,मैं ये सब और नहीं सह सकती मैं भी इस दुनिया से जा रही हूँ. और ऐसा कहते हुए तीसरी मोमबत्ती भी बुझ गयी।

वो अभी बुझी ही थी कि एक मासूम बच्चा उस कमरे में दाखिल हुआ। मोमबत्तियों को बुझे देख वह घबरा गया , उसकी आँखों से आंसू टपकने लगे और वह रुंआसा होते हुए बोला ,
अरे , तुम मोमबत्तियां जल क्यों नहीं रही , तुम्हे तो अंत तक जलना है ! तुम इस तरह बीच में हमें कैसे छोड़ के जा सकती हो ?

तभी चौथी मोमबत्ती बोली , प्यारे बच्चे घबराओ नहीं, मैं आशा हूँ और जब तक मैं जल रही हूँ हम बाकी मोमबत्तियों को फिर से जला सकते हैं।
यह सुन बच्चे की आँखें चमक उठीं, और उसने आशा के बल पे शांति, विश्वास, और प्रेम को फिर से प्रकाशित कर दिया।

मित्रों , जब सबकुछ बुरा होते दिखे ,चारों तरफ अन्धकार ही अन्धकार नज़र आये , अपने भी पराये लगने लगें तो भी उम्मीद मत छोड़िये.आशा मत छोड़िये , क्योंकि इसमें इतनी शक्ति है कि ये हर खोई हुई चीज आपको वापस दिल सकती है। अपनी आशा की मोमबत्ती को जलाये रखिये ,बस अगर ये जलती रहेगी तो आप किसी भी और मोमबत्ती को प्रकाशित कर सकते हैं।
soni pushpa is offline   Reply With Quote
Reply

Bookmarks

Thread Tools
Display Modes

Posting Rules
You may not post new threads
You may not post replies
You may not post attachments
You may not edit your posts

BB code is On
Smilies are On
[IMG] code is On
HTML code is Off



All times are GMT +5.5. The time now is 08:51 AM.


Powered by: vBulletin
Copyright ©2000 - 2017, Jelsoft Enterprises Ltd.
MyHindiForum.com is not responsible for the views and opinion of the posters. The posters and only posters shall be liable for any copyright infringement.